✍️सफाई व्यवस्था बेहाल: बैरीहार ग्राम प्रधान ने DM से की शिकायत, DPRO की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल✍️
DPRO की भूमिका पर खड़े किए सवाल, मिलीभगत का आरोप

✍️सफाई व्यवस्था बेहाल: बैरीहार ग्राम प्रधान ने DM से की शिकायत, DPRO की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल✍️
जगतपुर (रायबरेली)
विकास खंड जगतपुर की ग्राम पंचायत बैरीहार में पिछले 18 महीनों से स्थाई सफाई कर्मचारी की नियुक्ति न होने से गांव की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। गांव में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है। इस संबंध में ग्राम प्रधान करन बहादुर सिंह ने सीधे जिलाधिकारी (DM) को पत्र भेजकर विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
18 महीने से गांव बेहाल, तबादलों के खेल से उलझा मामला
ग्राम प्रधान द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र के अनुसार, गांव में तैनात सफाई कर्मचारी मनोज कुमार मौर्य के स्थानांतरण के बाद से आज तक कोई स्थाई व्यवस्था नहीं की गई। प्रधान ने स्थानीय अधिकारियों (SDM, BDO और DPRO) पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार गुहार लगाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पत्र में अधिकारियों के ‘आदेशों के खेल’ को उजागर करते हुए बताया गया कि:
- पहला आदेश हुआ बेअसर: बीते 17 जनवरी 2026 को ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ में जिलाधिकारी के निर्देश के बाद DPRO ने पवन कुमार को बैरीहार भेजने का आदेश जारी किया था। लेकिन, उन्होंने कार्यभार संभाला ही नहीं और बिना जॉइनिंग के ही उनका तबादला वापस पुराने गांव में कर दिया गया।
- दूसरे कर्मचारी का भी जल्द तबादला: इसके बाद सुखदेव प्रसाद की नियुक्ति की गई। उन्होंने 21 फरवरी 2026 को कार्यभार संभाला, लेकिन दो महीने के भीतर ही अप्रैल 2026 में उनका भी स्थानांतरण कर दिया गया।
DPRO की भूमिका पर खड़े किए सवाल, मिलीभगत का आरोप
ग्राम प्रधान करन बहादुर सिंह ने सीधे जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) के फैसलों पर उंगली उठाई है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर किस दबाव या प्रभाव में आकर अधिकारी अपने ही द्वारा जारी किए गए नियुक्ति आदेशों को बार-बार बदल रहे हैं?
“गांव में सफाई कर्मी न होने से हर तरफ गंदगी का साम्राज्य है। अधिकारी बार-बार ट्रांसफर का खेल खेल रहे हैं, जिससे साफ तौर पर मिलीभगत की बू आ रही है। हमने जिलाधिकारी महोदय से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और गांव में स्थाई सफाई कर्मी की नियुक्ति की मांग की है।” > —
करन बहादुर सिंह, ग्राम प्रधान (बैरीहार)
अधिकारियों के चक्कर काट रहे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि सफाई न होने से नालियां चोक हैं और रास्तों पर कीचड़ फैला हुआ है। प्रधान की इस शिकायत के बाद अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और बैरीहार के ग्रामीणों को गंदगी से कब तक निजात मिलती है।



