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✍️जगतपुर: पुलिस और वन विभाग की नाक के नीचे हरे पेड़ों पर चला आरा, वीडियो वायरल✍️


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✍️जगतपुर: पुलिस और वन विभाग की नाक के नीचे हरे पेड़ों पर चला आरा, वीडियो वायरल✍️

‼️जगतपुर, रायबरेली‼️

✍️ प्रदेश सरकार की मंशा है कि पर्यावरण को बचाने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाए, लेकिन रायबरेली के जगतपुर थाना क्षेत्र में इसके ठीक उलट तस्वीर देखने को मिल रही है। यहाँ वन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि पुलिस और वन विभाग की कथित मिलीभगत से प्रतिबंधित हरे पेड़ों का कटान धड़ल्ले से जारी है।

थाने के सामने से गुजरती रही लकड़ी

हैरानी की बात यह है कि जगतपुर चौराहे से थाने की दूरी मात्र चंद कदमों की है। इसी रास्ते से लकड़ी माफिया दो ट्रैक्टर-ट्रालियों में लदे प्रतिबंधित हरे पेड़ों के बोटों को लेकर बेखौफ होकर गुजरे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक ट्रैक्टर में आम और दूसरे में गूलर की ताजी लकड़ी लदी हुई थी, जो जगतपुर के रायबरेली रोड से सलोन रोड की तरफ ले जाई जा रही थी। दिनदहाड़े लकड़ी ले जाने का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार?

जब इस मामले में क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) रवि भारती से संपर्क किया गया, तो उन्होंने हमेशा की तरह रटा-रटाया जवाब दिया। रेंजर ने बताया कि:

“मामला संज्ञान में आया है, इसकी जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

मिलीभगत की चर्चा आम

स्थानीय लोगों में चर्चा है कि बिना विभागीय सांठगांठ के इस तरह सरेआम हरे पेड़ों का कटान और परिवहन संभव नहीं है। जिस मार्ग से थाने की पुलिस और वन विभाग के कर्मचारी दिन भर गुजरते हैं, वहां से लकड़ी लदे ट्रैक्टरों का निकलना विभाग की लापरवाही या मौन सहमति की ओर इशारा करता है। अब देखना यह है कि विभाग केवल खानापूर्ति करता है या वास्तव में माफियाओं पर नकेल कसता है।

✍️ रिपोर्ट रितिक तिवारी ✍️


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