✍️गुरु वही, जो स्वयं दीपक बनकर दूसरों का जीवन प्रकाशित करे✍️

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✍️गुरु वही, जो स्वयं दीपक बनकर दूसरों का जीवन प्रकाशित करे✍️
38 वर्षों का शानदार सफर पूर्ण कर समर्पण, संघर्ष और उत्कृष्टता की मिसाल बने प्रधानाध्यापक अशोक कुमार सिंह
गरिमामय सेवा यात्रा का अवसान, ‘भोला मास्टर’ को भव्य एवं भावपूर्ण विदाई
अशोक ने अंतिम दिन भी विद्यार्थियों को पुस्तकें भेंट कर निभाया गुरु धर्म, शिक्षा के आदर्शों को किया साकार
विदाई समारोह में उमड़ा स्नेह, अभिभावकों व ग्रामीणों की आंखें छलकी शुभकामनाओं की गूंज से गूंजा परिसर
कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और संस्कारों से गढ़ी पीढ़ियां, शिक्षा जगत में अमिट छाप छोड़ सेवानिवृत्त हुए अशोक कुमार सिंह✍️
‼️जगतपुर, रायबरेली‼️
✍️जगतपुर विकास क्षेत्र के साँहूकुंआ स्थित कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक अशोक कुमार सिंह ने शिक्षा के क्षेत्र में 38 वर्षों की दीर्घ, अनुकरणीय और सफल सरकारी सेवा पूर्ण करते हुए सेवानिवृत्ति हुए। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आयोजित भव्य विदाई समारोह (फेयरवेल) भावनाओं, सम्मान और कृतज्ञता का अनूठा समारोह आयोजित किया गया। विदाई समारोह में हर वर्ग के लोगों ने अपने प्रिय ‘भोला मास्टर’ को भावुक होकर नाम आंखों से विदाई दी। अपने सेवाकाल के अंतिम दिन सोमवार को भी अशोक कुमार सिंह विद्यालय में अपने कर्तव्य से अडिग रहे और विद्यार्थियों को पुस्तकें भेंट कर यह संदेश दिया कि शिक्षक का धर्म जीवन पर्यंत चलता है। यह प्रेरणादायी दृश्य उपस्थित जनसमूह के लिए एक अमिट स्मृति बन गया और समारोह को विशेष गरिमा प्रदान कर गया। बताते चलें कि 13 जुलाई 1987 से प्रारंभ हुई उनकी शिक्षकीय यात्रा ने शिक्षा जगत में एक सशक्त पहचान स्थापित की। अपने कुशल नेतृत्व, अनुशासित कार्यशैली और मानवीय दृष्टिकोण के बल पर उन्होंने सेवानिवृत्ति के सफर में अपने कंपोजिट विद्यालय साँहूकुंआ को शिक्षा, संस्कार और अनुशासन का उत्कृष्ट केंद्र बनाया।
उनके कार्यकाल में विद्यालय ने न केवल शैक्षिक गुणवत्ता में नई ऊंचाइयां प्राप्त कीं, बल्कि छात्रों के नैतिक और सामाजिक विकास को भी नई दिशा मिली। अशोक कुमार सिंह की कार्यशैली में दृढ़ता और सरलता का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। उन्होंने विद्यालय को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे संस्कारों की प्रयोगशाला बनाया, जहां प्रत्येक छात्र को बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा मिली। उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए छात्र आज विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। बता दें कि वे जगतपुर समूचे विकास क्षेत्र में ‘भोला मास्टर’ के नाम से जाने जाते हैं। अशोक कुमार सिंह केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि विश्वास, सादगी और आदर्श का प्रतीक बन चुके हैं। ग्रामीण आज भी उन्हें अत्यंत सम्मान और आत्मीयता के साथ “मास्टर साहब” कहकर संबोधित करते हैं। समारोह के दौरान छात्रों, अभिभावकों और सहकर्मियों ने भावुक होकर अपने प्रिय गुरु को विदाई दी। विद्यार्थियों ने चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, वहीं उपस्थित जनसमूह ने उनके स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना की। विद्यालय में शिक्षकों द्वारा आयोजित विदाई समारोह के दौरान अशोक कुमार सिंह ने कहा कि मैंने अपने जीवन में शिक्षण को केवल नौकरी नहीं, बल्कि सेवा और साधना के रूप में अपनाया।
38 वर्षों के इस सफर में मुझे छात्रों, अभिभावकों और क्षेत्र के लोगों से जो अपार स्नेह और सम्मान मिला, वह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। इस प्यार और विश्वास को मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा। मेरी यही कामना है कि हमारे विद्यार्थी संस्कारित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज को नई दिशा दें। इस अवसर पर आओ चली जाएगी। इस अवसर पर राना बेनी माधव सिंह स्मारक इंटर कॉलेज शंकरपुर के प्रबंधक हरिचन्द्र बहादुर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानाध्यापक अशोक कुमार सिंह शिक्षा जगत के ऐसे उज्ज्वल स्तंभ हैं, जिन्होंने अपने समर्पण, अनुशासन और सादगीपूर्ण जीवन से एक उच्च आदर्श स्थापित किया है। उनका 38 वर्षों का सेवाकाल प्रेरणा की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने जिस निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दिया, वह वास्तव में अनुकरणीय है। ऐसे शिक्षक समाज की सच्ची पूंजी होते हैं, जिनकी छाप सदैव अमिट रहती है। समारोह में जगतपुर क्षेत्र के विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिक, अभिभावक, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में अशोक कुमार सिंह के योगदान को सराहा और उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके उज्ज्वल, स्वस्थ और सुखमय जीवन की कामना की।
सेवानिवृत्ति के इस अवसर पर यह स्पष्ट रूप से महसूस किया गया कि भले ही अशोक कुमार सिंह औपचारिक रूप से अपने पद से विदा हो रहे हों, लेकिन उनके द्वारा स्थापित आदर्श, संस्कार और शिक्षा की ज्योति आने वाली पीढ़ियों को सदैव आलोकित करती रहेगी। विद्यालय में आयोजित भव्य विदाई समारोह में भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व निदेशक एवं राना बेनी माधव सिंह स्मारक इंटर कालेज शंकरपुर के प्रबंधक हरिचंद्र बहादुर सिंह, जगतपुर कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक सत्यदेव सिंह, हेड मास्टर केदार सिंह, अमर बहादुर सिंह पूर्व हेड मास्टर, रणवीर सिंह पूर्व हेड मास्टर, मुरली मनोहर पूर्व हेड मास्टर, रामनरेश पूर्व हेड मास्टर, भानु सिंह सहायक अध्यापक उमरी,सान्हूंकुआं कंपोजिट विद्यालय के शिक्षकों में सहायक अध्यापक, इंचार्ज सीमा सिंह , दीपिका सिंह सहायक अध्यापक, रिंकू पाल सहायक अध्यापक, सहायक अध्यापक दिनेश सिंह, शालिनी सहायक अध्यापक, सत्या श्रीवास्तव, दिलीप सिंह, सुधा सिंह, संजय कुमार सिंह, आशा सिंह सहित जगतपुर क्षेत्र से पूर्व बीडीसी हरिशरण सिंह, अश्मित सिंह सौरभ, अनिल श्रीवास्तव, एडवोकेट मनीष श्रीवास्तव, अर्पित श्रीवास्तव, राजेश सिंह, राकेश सिंह, ग्राम प्रधान राजकुमार सिंह धीरज भैया, अनुज सिंह, सानिध्य सिंह, शिवकुमार सिंह आदि मौजूद रहे ✍️
✍️पत्रकार रितिक तिवारी की रिपोर्ट ✍️



