✍️प्रो. डॉ. अजेन्द्र प्रताप सिंह सर्वसम्मति से राना बेनी माधव सिंह स्मारक समिति शंकरपुर के सचिव नियुक्त

✍️प्रो. डॉ. अजेन्द्र प्रताप सिंह सर्वसम्मति से राना बेनी माधव सिंह स्मारक समिति शंकरपुर के सचिव नियुक्त
डॉ. आजेन्द्र प्रताप सिंह के अनुभव और कर्मठता को मिला सम्मान, सर्वसम्मति से बने राना बेनी माधव सिंह स्मारक समिति शंकरपुर के सचिव
क्रॉसर : समिति के संस्थापक हरिचन्द्र बहादुर सिंह, अध्यक्ष धीरज सिंह व संयोजक अरुणेंद्र सिंह चौहान सहित पदाधिकारियों और सदस्यों ने दी शुभकामनाएं
रायबरेली।राना बेनी माधव सिंह स्मारक समिति शकरपुर रायबरेली, को सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व प्रदान करते हुए समिति ने प्रो. डॉ. आजेन्द्र प्रताप सिंह को सचिव पद का नया दायित्व सौंपा है। इससे पूर्व वे संयोजक के रूप में अपने कार्यकाल में संगठनात्मक सुदृढ़ता, सक्रियता और अनुशासित कार्यशैली के माध्यम से समिति को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। समिति की एक आवश्यक बैठक में उनके अनुभव, कर्मठता, ईमानदारी, अनुशासन और जुझारू व्यक्तित्व को देखते हुए वर्ष 2026 में उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।
बैठक में समिति के संस्थापक अध्यक्ष हरिचंद बहादुर सिंह, अध्यक्ष धीरज सिंह, संयोजक अरुण सिंह चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम अकबाल बहादुर सिंह, समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशापाल सिंह, वरिष्ठ सदस्य दिलीप द्विवेदी, वरिष्ठ सदस्य अरुण कुमार त्रिपाठी सहित समिति के सभी पदाधिकारियों व सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रो. डॉ. आजेंद्र प्रताप सिंह को समिति के सचिव पद पर निर्विरोध मनोनयन (नियुक्ति) किए जाने पर हर्ष व्यक्त किया है और समिति को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की अपेक्षा जताई। संस्थापक अध्यक्ष हरिचंद बहादुर सिंह ने कहा कि डॉ. आजेन्द्र प्रताप सिंह का संगठन के प्रति समर्पण और दूरदृष्टि समिति के मूल उद्देश्यों को और सशक्त करेगी।
अध्यक्ष धीरज सिंह ने विश्वास जताते हुए कहा कि उनका अनुभव और नेतृत्व समिति को गतिशीलता और निरंतरता प्रदान करेगा। संयोजक अरुणेंद्र सिंह ने कहा कि डॉ आजेंद्र प्रताप सिंह का व्यक्तित्व प्रभावशाली है। उनके सचिव बनने से समिति को बहुत मजबूती मिलेगी। वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम अकबाल बहादुर सिंह ने कहा कि डॉ. आजेन्द्र प्रताप सिंह का चयन संगठनात्मक अनुशासन और जनसेवा के प्रति उनकी निष्ठा का प्रमाण है। पूर्व पुलिस उपाधीक्षक व वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशापाल सिंह ने कहा कि प्रो डॉ आजेंद्र प्रताप सिंह की कार्यशैली पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की मिसाल है।दिलीप द्विवेदी ने उन्हें संगठन को नई दिशा देने वाला कर्मठ नेतृत्व बताया, वहीं अरुण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि उनका जुझारूपन समिति के उद्देश्यों को जमीन पर उतारने में सहायक होगा।नव नियुक्त सचिव प्रो. डॉ. आजेन्द्र प्रताप सिंह ने सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थापक संयोजक के रूप में
उन्हें जो स्नेह, मार्गदर्शन और सहयोग मिला, उसी ऊर्जा के साथ वे सचिव पद की जिम्मेदारियों का भी पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि समिति के आदर्शों और जनकल्याणकारी उद्देश्यों को आगे बढ़ाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।सचिव बनाए जाने पर सुभाष सिंह ने कहा कि डॉ. आजेन्द्र प्रताप सिंह की नियुक्ति उनके दीर्घकालिक, अनुकरणीय परिश्रम और कर्तव्यनिष्ठा का स्वाभाविक प्रतिफल है।
यह दायित्व संगठन को उन्नति, पारदर्शिता और लोककल्याण के नए प्रतिमानों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। बैठक मुख्य रूप से दिलीप द्विवेदी, राम अकबाल सिंह, इंजीनियर राजकुमार सिंह, प्रो. प्रवेश नारायण सिंह, भगवत प्रताप सिंह, श्याम सिंह, गोरख सिंह, दीपक कुमार, राम जी, संजय सिंह, संतोष सिंह, त्रिलोकी शरण सिंह, दिनेश मिश्रा, सुभाष सिंह, रतन सिंह सहित समिति के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
सचिव पद पर निर्विरोध मनोनीत होने पर डाॅ अजेन्द्र प्रताप सिंह ने जताया आभार
रायबरेली। राना बेनी माधव सिंह स्मारक समिति शकरपुर की बैठक में सचिव पद पर निर्विरोध मनोनीत किए जाने पर डाॅ अजेन्द्र प्रताप सिंह ने समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के प्रति हार्दिक धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।
डाॅ अजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि संस्थापक अध्यक्ष हरिचंद्र बहादुर सिंह, अध्यक्ष धीरज सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम अकबाल बहादुर सिंह, दिलीप द्विवेदी, आशापाल सिंह, इं. राजकुमार सिंह, संयोजक अरुणेन्द्र सिंह चौहान, मीडिया प्रभारी बी.पी. सिंह, सह मीडिया प्रभारी मनीष श्रीवास्तव एडवोकेट , डाॅ सी.बी. सिंह, प्रो डाॅ प्रवेश नारायण सिंह, श्याम सिंह, धर्मेंद्र बहादुर सिंह, रणवीर सिंह, सुभाष सिंह, रतन सिंह, बद्री विशाल द्विवेदी, पूर्णेन्द्र सिंह राजू चौहान, समर बहादुर सिंह, अजय पाल सिंह चौहान सहित समिति के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों का उन्हें निरंतर स्नेह, आशीर्वाद एवं सहयोग प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पूर्व में संस्थापक संयोजक के रूप में मिले अनुभव और सहयोग के बल पर उन्होंने अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन किया और सचिव पद पर भी संगठन की गरिमा एवं उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करने का हरसंभव प्रयास करेंगे✍️
✍️पत्रकार रितिक तिवारी की रिपोर्ट ✍️



