✍️जगतपुर के खालेहार में भागवत कथा शुरू पहले दिन गणेश शंकर शास्त्री ने बताया महात्म्य✍️

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✍️जगतपुर के खालेहार में भागवत कथा शुरू पहले दिन गणेश शंकर शास्त्री ने बताया महात्म्य✍️
👉जगतपुर रायबरेली👈
✍️जगतपुर के खालेहार में एक सप्ताह तक चलने वाले संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। लखनऊ से पधारे गणेश शंकर शास्त्री ने कथा का वाचन कर रहे हैं।भागवत कथा के प्रथम दिन महाराज श्री ने भागवत के प्रथम श्लोक ‘सच्चिदानन्द रूपाय विश्वोत्पत्यादि हेतवे तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयम नुमः’ और ‘वासुदेव सुतं देवम् कंस चानुर मर्दनम् देवकी परमानंदम् कृष्णम् वंदे जगदगुरुम्’ से कथा का आरंभ किया। महाराज श्री ने बताया कि भागवत के प्रथम श्लोक में भगवान को प्रणाम किया गया है, उनके स्वभाव और लीलाओं का वर्णन है।
उन्होंने कहा कि भागवत को समझना भगवान को समझने के बराबर है। जन्म-जन्मांतर के पुण्यों के उदय होने पर ही ऐसे अनुष्ठान संभव होते हैं।उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा को एक अमर कथा बताया, जिसके श्रवण से पापी भी पाप मुक्त हो जाते हैं। महाराज ने वेदों के सार और श्रीमद्भागवत महापुराण का बखान करते हुए कहा कि सबसे पहले शुकदेव जी महाराज ने राजा परीक्षित को यह कथा सुनाई थी, जिन्हें सात दिनों के अंदर तक्षक के दंश से मृत्यु का श्राप मिला था।
उन्होंने जोर दिया कि श्रीमद्भागवत कथा अमृत पान करने से संपूर्ण पापों का नाश होता है।कथा के वृतांत में गणेश शंकर शास्त्री जी महाराज ने सनकादिक ऋषि और सूद जी महाराज के संवाद का उल्लेख किया, जिसमें कलियुग के लोगों के कल्याण के लिए भागवत कथा को एकमात्र मार्ग बताया गया था।इस अवसर पर विनय महेश तिवारी ,राकेश तिवारी, धर्मेंद्र कुमार तिवारी, राजेंद्र तिवारी ,धीरेन्द्र तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे✍️
✍️ पत्रकार रितिक तिवारी की रिपोर्ट ✍️



