✍️बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही: एक महीने से टेढ़े पोल और प्लास्टिक की बोतल के सहारे टिकी 11 हजार KV की मौत की लाइन✍️

✍️बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही: एक महीने से टेढ़े पोल और प्लास्टिक की बोतल के सहारे टिकी 11 हजार KV की मौत की लाइन✍️
‼️जगतपुर (रायबरेली):
रिपोर्ट रितिक तिवारी‼️
✍️स्थानीय बिजली विभाग की घोर लापरवाही के चलते रायबरेली जिला के जगतपुर विकासखंड क्षेत्र के अंतर्गत ओमनगर कस्बे में एक बड़ा हादसा कभी भी दस्तक दे सकता है। करीब एक महीने पहले आई तेज आंधी में बिजली का एक पोल बुरी तरह टेढ़ा हो गया था, जिसे विभाग ने आज तक सीधा करने की जहमत नहीं उठाई। हद तो तब हो गई जब हाईटेंशन (11,000 KV) लाइन का तार टूटने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों ने उसे ठीक करने के बजाय एक खाली प्लास्टिक की बोतल के सहारे लटका कर छोड़ दिया।
जैसा कि फोटो में साफ़ देखा जा सकता है, एक तरफ लोहे का भारी-भरकम पोल सड़क की ओर खतरनाक तरीके से झुका हुआ है, जिससे राहगीरों और वाहनों पर हर वक्त मौत का साया मंडरा रहा है। वहीं दूसरी तरफ, ट्रांसफार्मर के पास हाईटेंशन तारों को आपस में टकराने या शॉर्ट सर्किट से बचाने के लिए किसी इंसुलेटर की जगह ‘देसी जुगाड़’ अपनाते हुए प्लास्टिक की बोतल (लाल तीर द्वारा चिह्नित) बांधी गई है।
हादसे को दावत देता ‘देसी जुगाड़‘
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि एक महीने बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग के लाइनमैन या उच्च अधिकारियों ने इस गंभीर समस्या की सुध नहीं ली है। 11 हजार वोल्ट की यह मुख्य लाइन बेहद संवेदनशील है। हल्की सी बारिश या हवा चलने पर प्लास्टिक की बोतल पिघलने या खिसकने से बड़ा शार्ट सर्किट हो सकता है, जिससे पूरे क्षेत्र में करंट फैलने का खतरा है। टेढ़ा हो चुका पोल भी किसी भी वक्त गिरकर किसी की जान ले सकता है
ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग

सड़क किनारे स्थित इस पोल और बोतल के सहारे झूलती मौत की लाइन को लेकर स्थानीय निवासियों और राहगीरों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के आला अधिकारियों से मांग की है कि इस ‘जुगाड़ तंत्र’ को तत्काल बंद कर नया पोल लगाया जाए और तारों को तकनीकी रूप से दुरुस्त किया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। वही जब इस संबंध में अवर अभियंता जेई चंद्रेश कुमार पटेल से बात हुई तो उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आया है जल्द ही पोल को सही कराया जाएगा



