✍️फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर यूरिया वितरण से किसान परेशान, वैकल्पिक व्यवस्था की मांग✍️

✍️फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर यूरिया वितरण से किसान परेशान, वैकल्पिक व्यवस्था की मांग✍️
‼️जगतपुर रायबरेली‼️
‼️रिपोर्ट रितिक तिवारी‼️
✍️कृषि क्षेत्र में खाद वितरण को लेकर बनाई गई नई व्यवस्था अब किसानों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। फार्मर रजिस्ट्री की बाध्यता और खाद वितरण की जटिल औपचारिकताओं के कारण किसानों को यूरिया के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य राकेश सिंह राना ने शासन-प्रशासन से तत्काल सरल और वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
बटाईदारों के सामने गहराया संकट
खाद न मिलने से सबसे अधिक प्रभावित बटाई पर खेती करने वाले किसान हो रहे हैं। जमीन का मालिकाना हक न होने और कागजी जटिलताओं के कारण उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। बुवाई और सिंचाई का सही समय निकलता जा रहा है, जिससे फसलों के उत्पादन पर बुरा असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
विभागीय कार्रवाई नाकामी छिपाने की कोशिश
जिला पंचायत सदस्य राकेश सिंह राना ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी केवल खाद विक्रेताओं पर दिखावटी कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर रहे हैं, जबकि धरातल पर किसान की समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि समय पर खाद उपलब्ध कराना ही अच्छी फसल की गारंटी है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था से किसानों में भारी आक्रोश पनप रहा है।
सरकार से तुरंत राहत की अपील
किसान प्रतिनिधियों ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि एनओसी या अन्य प्रशासनिक छूट के साथ कोई व्यावहारिक व्यवस्था बनाई जाए, जिससे प्रत्येक जरूरतमंद अन्नदाता को बिना किसी बाधा के समय पर यूरिया उपलब्ध हो सके।



