✍️संत बड़े परमार्थी शीतल जिनके अंग, तपस बुझावे और की दे दें अपनो रंग✍️

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✍️संत बड़े परमार्थी शीतल जिनके अंग, तपस बुझावे और की दे दें अपनो रंग✍️
👉जगतपुर रायबरेली👈
✍️ रायबरेली जिला के जगतपुर के अंतर्गत सन्त निरंकारी सत्संग भवन जगतपुर में महिला सत्संग कार्यक्रम आयोजित किया गया महात्मा मीरा दिक्षीत जी* ने कहा कि *साध की संगत कर लेगा तो मन की भटकन जाएगी, साध की संगत कर लेगा तो दिल में मस्ती आएगी साध की संगत कर लेगा तो जान हरि को जाएगा सत्गुरु की कृपा से जो यह ब्रह्म ज्ञानियों का संग मिला है संतों का संग मिलने से एक शहज अवस्था प्राप्त हो जाती है फिर जीवन में डगमगाहट नहीं रहती एक स्थिरता वाला जीवन बन जाता है संत महात्माओं
की संगत हमें भक्ति में पूर्ण बनती है जो इस परिवर्तनशील संसार में भी एक अचल अडोल भक्ति देने वाली बन जाती है सन्तों के संग से यह मन भी निर्मल हो जाता है मन के सारे मैल धीरे-धीरे खुद ही धूल जाते हैं *संत बड़े परमार्थी शीतल जिनके अंग, तपस बुझावे और की दे दें अपनो रंग संतों ने हमेशा से ही परमार्थ के कार्य के लिए अपने जीवन को समर्पित किया है संतों का जीवन दूसरों को सुकून शांति और ठंडक देने वाला ही रहता है जो भी संत महापुरुषों के संगत में आ जाता है उनके अंदर भी यह प्रभु परमात्मा का रंग भर देते हैं इसी एक ईश्वर के साथ जोड़कर जीवन जीने की कला सिखाते हैं इस मौके पर समस्त महिला साध संगत मौजूद रही✍️
✍️पत्रकार रितिक तिवारी की रिपोर्ट ✍️



