✍️शिक्षा के मंदिर से मानवता की मिसाल: जगतपुर के पंडित जालिपा प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर ने अनाथ बच्चों के लिए खोले खुशियों के द्वार! ” प्रधानाचार्य ज्ञानेंद्र तिवारी”✍️

Warning: Undefined array key "mode" in /home/fastnewsup/public_html/wp-content/plugins/sitespeaker-widget/sitespeaker.php on line 13
✍️शिक्षा के मंदिर से मानवता की मिसाल: जगतपुर के पंडित जालिपा प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर ने अनाथ बच्चों के लिए खोले खुशियों के द्वार! ” प्रधानाचार्य ज्ञानेंद्र तिवारी”✍️
‼️जगतपुर रायबरेली ‼️ 
‼️”कहा जाता है कि शिक्षा पर हर बच्चे का समान अधिकार है, लेकिन कई बार नियति की मार बच्चों से उनका भविष्य छीन लेती है। उत्तर प्रदेश के जगतपुर कस्बे से एक ऐसी खबर आ रही है, जो समाज के लिए एक मिसाल बन गई है। यहाँ स्थित पंडित जालिपा प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर ने अनाथ और बेसहारा बच्चों की शिक्षा का बीड़ा उठाया है।
विद्यालय की इस नई पहल से अब कोई भी बच्चा अनाथ होने के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।”जगतपुर कस्बे का पंडित जालिपा प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर अब सिर्फ शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि बेसहारा बच्चों का संबल बन गया है। विद्यालय प्रबंधन ने एक ऐसी अनूठी पहल शुरू की है, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। “प्रधानाचार्य श्री ज्ञानेंद्र तिवारी जी” ने घोषणा की है कि विद्यालय में उन बच्चों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है।
योजना की मुख्य बातें:
एक अभिभावक (माता या पिता) न होने पर: ऐसे बच्चों को विद्यालय की ओर से फ्री स्कूल ड्रेस प्रदान की जाएगी। पूर्णतः अनाथ होने पर: जिन बच्चों के सिर से माता और पिता दोनों का साया उठ चुका है, उन्हें ड्रेस के साथ-साथ कॉपी-किताबें भी निशुल्क दी जाएंगी।आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग: गरीब बच्चों के लिए फीस में विशेष छूट का प्रावधान किया गया है।
जगतपुर कस्बे में इस तरह की पहल करने वाला यह पहला स्कूल है। विद्यालय का लक्ष्य स्पष्ट है—संस्कारों के साथ शिक्षा, ताकि आर्थिक तंगी या अनाथ होने का दर्द किसी के भविष्य की दीवार न बन सके।“विद्यालय की यह पहल उन बच्चों के लिए नई उम्मीद की किरण लेकर आई है, जो अक्सर संसाधनों के अभाव में पढ़ाई छोड़ देते हैं। उम्मीद है कि इस कदम से प्रेरित होकर अन्य संस्थान भी आगे आएंगे।”
✍️पत्रकार रितिक तिवारी की रिपोर्ट ✍️



