✍️जगतपुर के खालेहार में भागवत कथा के दूसरे दिन राजा परीक्षित के प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए भक्त✍️

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✍️जगतपुर के खालेहार में भागवत कथा के दूसरे दिन राजा परीक्षित के प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए भक्त✍️
👉जगतपुर रायबरेली👈
✍️जगतपुर के खालेहार गांव में एक सप्ताह तक चलने वाले संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। लखनऊ से पधारे कथावाचक श्री गणेश शंकर शास्त्री जी महाराज कथा का वाचन कर रहे हैं।भागवत कथा के द्वितीय दिन महाराज ने राजा परीक्षित के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि एक बार परीक्षित महाराज वन में चले गए। उनको प्यास लगी तो समीक ऋषि से पानी मांगा। ऋषि समाधि में थे, इसलिए पानी नहीं पिला सके। परीक्षित ने सोचा कि साधु ने अपमान किया है। उन्होंने मरा हुआ सांप उठाया और समीक ऋषि के गले में डाल दिया। यह सूचना पास में खेल रहे बच्चों ने समीक ऋषि के पुत्र को दी।
ऋषि के पुत्र ने शाप दिया कि आज से सातवें दिन तक्षक नामक सर्प आएगा और राजा को जलाकर भस्म कर देगा। समीक ऋषि को जब यह पता चला तो उन्होंने दिव्य दृष्टि से देखा कि यह तो महान धर्मात्मा राजा परीक्षित हैं और यह अपराध इन्होंने कलियुग के वशीभूत होकर किया है। समीक ऋषि ने जब यह सूचना जाकर परीक्षित महाराज को दी तो वह अपना राज्य अपने पुत्र जन्मेजय को सौंपकर गंगा नदी के तट पर पहुंचे। वहां बड़े ऋषि, मुनि देवता आ पहुंचे और अंत में व्यास नंदन शुकदेव वहां पहुंचे। शुकदेव को देखकर सभी ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। कथा सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कथा के दौरान धार्मिक गीतों पर श्रद्धालु जम कर झूमें।
कथा में दूसरे दिन बड़ी संख्या में महिला-पुरूष कथा सुनने पहुंचे, वही कथा समाप्त होने के बाद आरती का आयोजन हुआ भगवान की आरती की गई सभी भक्तजनों को आरती दी गई तत्पश्चात सभी भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया ।इस अवसर पर कथा आयोजक महेश तिवारी, राकेश तिवारी, धर्मेंद्र कुमार तिवारी, धीरेन्द्र तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे✍️
✍️पत्रकार रितिक तिवारी की रिपोर्ट ✍️



