✍️राना बेनी माधव सिंह की जन्मभूमि शंकरपुर में 222वीं जयंती का होगा ऐतिहासिक आयोजन, तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू✍️

✍️राना बेनी माधव सिंह की जन्मभूमि शंकरपुर में 222वीं जयंती का होगा ऐतिहासिक आयोजन, तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू✍️
स्मारक समिति की बैठक में बनी व्यापक रणनीति
राष्ट्रगौरव और वीरता की विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प
राना बेनी माधव सिंह का जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और बलिदान का अमर घोष : हरिचंद्र बहादुर सिंह
“राना का शौर्य आज भी युवाओं के लिए राष्ट्रसेवा और स्वाभिमान का सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत : आशा पाल सिंह
‼️जगतपुर,रायबरेली‼️
‼️रिपोर्ट रितिक तिवारी ‼️ 
✍️ 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के अमर सेनानी, वीर शिरोमणि राना बेनी माधव सिंह की जन्मभूमि एवं वीरभूमि शंकरपुर एक बार फिर इतिहास रचने की तैयारी में जुट गई है। राना बेनी माधव सिंह स्मारक समिति, शंकरपुर (जगतपुर) की ओर से आगामी 24 अगस्त को आयोजित होने वाले “राना बेनी माधव सिंह 222वीं जयंती भावपूर्ण समारोह-2026” को अभूतपूर्व, भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई हैं। इसी क्रम में रविवार को आयोजित समिति की महत्वपूर्ण बैठक में आयोजन की व्यापक रणनीति तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता हरिचंद्र बहादुर सिंह ने की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि यह आयोजन केवल जयंती समारोह नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक व्यापक जनअभियान होगा। समारोह में राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, ऐतिहासिक विचार गोष्ठियां, वीरगाथा वाचन, जनजागरण कार्यक्रम तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े आयोजन किए जाएंगे।
साथ ही प्रदेश ही नहीं, देश के विभिन्न हिस्सों से इतिहासकारों, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और राना के अनुयायियों की सहभागिता सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई। अध्यक्षीय संबोधन में हरिचंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि राना बेनी माधव सिंह किसी एक क्षेत्र, जाति या समाज के नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारत के गौरव हैं। उन्होंने 1857 की क्रांति में अंग्रेजी साम्राज्य को चुनौती देकर मातृभूमि की रक्षा के लिए अदम्य साहस, त्याग और स्वाभिमान का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जो युगों-युगों तक देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि राना के आदर्शों, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। पूर्व पुलिस अधीक्षक एवं समिति के उपाध्यक्ष आशा पाल सिंह ने कहा कि राना बेनी माधव सिंह का शौर्य भारतीय अस्मिता की पहचान है। आज की युवा पीढ़ी को उनके संघर्ष, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, क्योंकि राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना ऐसे ही महापुरुषों के जीवन से विकसित होती है।
कॉलेज के प्रवक्ता एवं वरिष्ठ शिक्षक अमरनाथ सिंह ने राना बेनी माधव सिंह के अद्वितीय शौर्य, पराक्रम और वीरगाथाओं का विस्तार से गुणगान करते हुए कहा कि राना का व्यक्तित्व भारतीय स्वाभिमान और अडिग राष्ट्रनिष्ठा का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिस वीरता से राना ने अंग्रेजी सत्ता का सामना किया, वह भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में दर्ज है। नई पीढ़ी को उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रप्रेम से परिचित कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, ताकि युवाओं में राष्ट्रनिर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना और अधिक प्रबल हो।बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 24 अगस्त को शंकरपुर की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित होने वाला “राना बेनी माधव सिंह 222वीं जयंती भावपूर्ण समारोह-2026” अब तक का सबसे भव्य आयोजन होगा। इसके लिए विभिन्न समितियों का गठन कर जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। बैठक में राजकुमार सिंह, राम अकबाल बहादुर सिंह, अरुणेंद्र सिंह चौहान, रामसुंदर सहित अनेक पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने आयोजन को जनभागीदारी का महाअभियान बनाने का संकल्प लिया।
संचालन संयोजक अरुणेंद्र सिंह चौहान ने किया। समिति के प्रभारी मनीष श्रीवास्तव एडवोकेट ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि राना बेनी माधव सिंह के अदम्य शौर्य, अप्रतिम बलिदान और राष्ट्रवादी विरासत को देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए यह आयोजन ऐतिहासिक मील का पत्थर सिद्ध होगा तथा उनकी जन्मभूमि शंकरपुर से राष्ट्रभक्ति का संदेश पूरे देश में नई ऊर्जा के साथ प्रसारित किया जाएगा✍️



