✍️भारी बारिश पर भारी पड़ा जनआक्रोश: अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ सरेनी में गूंजा ‘बिजली सत्याग्रह’✍️

✍️भारी बारिश पर भारी पड़ा जनआक्रोश: अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ सरेनी में गूंजा ‘बिजली सत्याग्रह’✍️
‼️सरेनी, रायबरेली‼️
‼️रिपोर्ट रितिक तिवारी‼️
✍️17 अगस्त ,सरेनी, लालगंज और डलमऊ क्षेत्र के विभिन्न पावर हाउसों में पिछले कई दिनों से जारी अघोषित विद्युत कटौती से आक्रोषित ग्रामीणों का धैर्य आखिरकार सोमवार को टूट गया। मूसलाधार बारिश के बावजूद सैकड़ों की संख्या में युवाओं और ग्रामीणों ने सरेनी पावर हाउस के समक्ष जोरदार प्रदर्शन करते हुए ‘बिजली सत्याग्रह’ किया।
इन पावर हाउसों की स्थिति खराब:
सत्याग्रह के दौरान सरेनी, मलकेगांव, भोजपुर, रावतपुर कला सहित आसपास के पावर हाउसों से होने वाली अव्यवस्थित आपूर्ति का मुद्दा छाया रहा। वक्ताओं ने कहा कि इस कटौती के कारण किसानों की सिंचाई, विद्यार्थियों की पढ़ाई और व्यापारियों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
एसडीओ को सौंपा ज्ञापन:
प्रदर्शनकारियों ने अधीक्षण अभियंता को संबोधित एक ज्ञापन सरेनी एसडीओ को सौंपा। ज्ञापन के जरिए मांग की गई कि क्षेत्र में निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित बिजली आपूर्ति बहाल की जाए और अघोषित कटौती पर तुरंत रोक लगाई जाए।
“रोशनी नहीं, बुनियादी अधिकार है बिजली”:
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिनव तिवारी ‘संगम’ ने कहा कि बिजली अब सिर्फ रोशनी का साधन नहीं, बल्कि किसान की खेती और बच्चों के भविष्य से जुड़ा बुनियादी अधिकार है। भारी बारिश भी जनता के संकल्प को डिगा नहीं सकती। यदि विभाग ने जल्द सुधार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ये रहे प्रमुख रूप से मौजूद:
प्रदर्शन में प्रभात सिंह, सर्वेश कुमार, बृजपाल शिक्षक, मोहम्मद नईम, विनय वर्मा, पप्पू बीडीसी, शुभम सिंह, राजेश सविता, पवन त्रिवेदी, अंकित त्रिवेदी, सुमित कुमार सविता और मोहम्मद अकरम समेत सैकड़ों क्षेत्रवासी डटे रहे।



